hi Hindi en English ur Urdu
झारखंडप्रदेश

जोरिया नाला के गड्ढे का पानी पीने को मजबूर गंझू टोला के लोग

मीलों दूर जंगल से पानी ढो रही महिलाएं, सड़क, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव

 

बेरमो/नावाडीह, खिरोधर राज।

बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत भलमारा पंचायत का गंझू टोला आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। यहां के ग्रामीण पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं और महिलाओं को मीलों दूर घने जंगलों के बीच स्थित जोरिया नाला के गड्ढों से पानी लाकर परिवार की प्यास बुझानी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी घोर अभाव है। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण किसी मरीज के बीमार पड़ने पर उसे खाट पर लादकर लगभग पांच किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

ग्रामीण संजय गंझू, प्रकाश गंझू, नरेश गंझू, छोटी गंझू, रंजीत गंझू सहित कई महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के साधनों का अभाव है। मजबूरी में यहां के युवा रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान पूरी तरह वर्षा पर निर्भर हैं।

आंगनबाड़ी केंद्र हमेशा बंद रहने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र अधिकांश समय बंद रहता है। सेविका और सहायिका विभिन्न बहाने बनाकर महीनों तक केंद्र नहीं खोलती हैं, जिससे छोटे-छोटे बच्चे प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इस केंद्र में बुढ़वाडीह, बनिया टोला, रघु टोला, घघरी टोला और फागुं टोला समेत छह-सात गांवों के बच्चे आते हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

83 बच्चों पर एक शिक्षक का सहारा

ग्रामीणों ने बताया कि सारूबेड़ा उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 83 विद्यार्थियों की पढ़ाई केवल एक हेडमास्टर के भरोसे चल रही है। शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार विभाग को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है

गंझू टोला और आसपास के गांवों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बरई, पलामू और नावाडीह जाना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण कई बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय मुखिया, सरपंच, विधायक और सांसद सहित प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से समस्याओं की जानकारी दी गई, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने अविलंब पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

NAZAR AAP TAK

आपकी समुदाय से जुड़ी हर खबर हमें भेजें हम उसे प्रमुखता देते हुए मूल्यांकन करके प्रकाशित करेंगें। मेरा व्हाट्सएप नंबर 8674868359 पर संपर्क करें, धन्यवाद

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one × 5 =

Back to top button