तीन अन्य मजदूर झुलसे, परिजनों में मातम; कंपनी से उचित मुआवजे की उठी मांग
करंट लगने से नावाडीह के प्रवासी मजदूर मनोज कुमार महतो की गोवा में मौत

नावाडीह (बोकारो): झारखंड के बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग सहित विभिन्न जिलों के प्रवासी मजदूरों की लगातार हो रही मौतों और विदेशों में फंसे श्रमिकों की घटनाओं के बीच एक और दुखद खबर सामने आई है। बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत मुंगो रंगामाटी निवासी चंद्रशेखर महतो के 22 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार महतो की गोवा में काम के दौरान बिजली का करंट लगने से इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, गोवा में कार्य के दौरान अचानक बिजली का करंट लगने से मनोज कुमार महतो गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस हादसे में उसी गांव के धनेश्वर महतो, जितेंद्र महतो और युगल महतो भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए हैं। उनकी स्थिति का इलाज जारी है।
घटना की सूचना शनिवार सुबह गांव पहुंचते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकंदर मृतक के घर पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने संबंधित कंपनी से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, सभी वैधानिक सुविधाएं तथा घायल मजदूरों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने की मांग की।
सिकंदर ने कहा कि रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों और विदेशों में जाने वाले झारखंड के युवाओं की मौत की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने बताया कि बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के कतवारी निवासी सत्येंद्र महतो का शव पिछले एक महीने से सऊदी अरब में पड़ा है, जबकि गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला निवासी लालचंद महतो का शव पिछले 21 दिनों से दुबई में पड़ा हुआ है। वहीं, बगोदर थाना क्षेत्र के मुंडरो निवासी द्वारिका महतो का शव लगभग एक महीने बाद सऊदी अरब से उनके पैतृक गांव पहुंचा है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और संकट की स्थिति में सरकारी सहायता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




